बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

नमस्कार ।
इस ब्लॉग में आपका स्वागत है - 'दरवेश' भारती

3 टिप्‍पणियां:

  1. क़ाबिल-ए-एहतराम जनाब 'दरवेश' भारती जी को
    उनके अज़ीज़ 'मुफ़लिस' का पुर-ख़ुलूस आदाब ..!
    तमाम एहल-ए-अदब
    आपकी राह-नुमाई का तालिब है
    आपके ब्लॉग पर लिखा गया एक-एक लफ्ज़
    हम सभी के लिए
    मिस्ल-ए-शम्मे-फिरोजाँ साबित होगा

    मुन्तज़िर....

    'मुफ़लिस'

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  2. qaabil-e-ehatraam janaab 'Darvesh' Bharti ji ko unke azeez 'muflis' ka pur-khuloos aadaab...!
    tamaam ehal-e-adab aapki raah-numaaee ka taalib hai...
    aapke blog par likha gayaa ek-ek lafz
    hm sabhi ke liye
    misl-e-shamm-e-firozaaN saabit hogaa.

    muntazir ,

    'muflis'

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  3. अवसर को पहचान के वो
    उलझी गाँठे खोल गया

    बढिया ..........

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